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‘सेक्स से मुझे मिलती है बड़ी ताकत’- 3 गोल्ड जीतने वाली एथलीट एला शिशकिना का दावा

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रूस की ओलंपिक चैंपियन एला शिशकिना को दुनिया की शीर्ष एथलीटों में से एक माना जाता है और वह सेक्स को भी शारीरिक व्यायाम का एक साधन मानती हैं। एला ने कहा है कि वह खेल के मैदान पर अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए मैच से पहले सेक्स को प्राथमिकता देती हैं।

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एला टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही थी। एला सिंक्रनाइज़ तैराकी में भाग ले रही है और इससे पहले 2016 रियो ओलंपिक और 2012 लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। एला ने अपने ऑन-फील्ड प्रदर्शन के बारे में रूसी समाचार आउटलेट स्पोर्ट्स एक्सप्रेस से बात की।

उसने कहा कि मुझे विज्ञान, शोध और डॉक्टरों की सलाह पर भरोसा है और इसलिए मैंने अपने डॉक्टर डेनिस से इस बारे में बात की। वैज्ञानिक समुदाय का मानना ​​है कि अगर आपको अपने पेशेवर खेल में कम समय में पूरी ताकत के साथ लगातार प्रदर्शन करना है तो इस मामले में सेक्स किफायती साबित हो सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि लेकिन अगर आपको लंबी दूरी तय करनी है और मैदान पर आपका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव से भरा है, तो मैं शायद सेक्स को प्राथमिकता नहीं दूंगी. हालांकि मुझे लगता है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर के अनुसार निर्णय लेना चाहिए और यदि वे सहज हैं तो वे अपने डॉक्टरों से परामर्श करके ऐसी दिनचर्या का पालन कर सकते हैं।

एला ने कहा कि प्रतिस्पर्धा से पहले बिना ऑर्गेज्म के सेक्स करने से मांसपेशियों की ताकत बढ़ सकती है। इसके अलावा टेस्टोस्टेरोन किसी भी खिलाड़ी की खेल आक्रामकता के लिए भी मददगार होता है। मास्को में जन्मी एला इससे पहले खेल, सेक्स और फिटनेस को लेकर अपनी राय साझा कर चुकी हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले टीम इंडिया के मानसिक स्वास्थ्य कोच पैट्रिक एंथनी अप्टन भी अपनी एक किताब के चलते जबरदस्त सुर्खियों में आए थे। पैट्रिक वर्ष 2008-2011 से टीम इंडिया का हिस्सा थे और वह वर्ष 2011 में जीती विश्व कप ट्रॉफी टीम का भी हिस्सा थे। उनका कार्यकाल विश्व कप जीत के साथ समाप्त हुआ।

पैट्रिक ने अपनी किताब में कहा है कि मैच से पहले सेक्स प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है। उन्होंने 2009 चैंपियंस ट्रॉफी से पहले नोट्स तैयार किए थे जिसमें उन्होंने लिखा था कि यह ऑन-फील्ड प्रदर्शन में सकारात्मक सुधार दिखाता है। हालांकि पैट्रिक की इस किताब को लेकर काफी विवाद हुआ था।

पैट्रिक की इस सलाह से टीम इंडिया के कोच गैरी क्रिस्टन काफी नाराज हुए और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस किताब से किनारा कर लिया. इसके बाद पैट्रिक ने गैरी से माफी भी मांगी। हालांकि पैट्रिक ने आउटलुक न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि मैंने कभी किसी खिलाड़ी को इस सलाह को मानने के लिए नहीं कहा था। मैं सिर्फ जानकारी साझा कर रहा था। मीडिया में इसे बेवजह इतना महत्व दिया गया।

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